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    हाल के दिनों में WhatsApp पर एक नया ऑनलाइन स्कैम सामने आया है, जिसमें लोगों को यह दावा करते हुए संदेश भेजे जा रहे हैं कि उनके बच्चों की APAAR ID तैयार हो चुकी है। इन संदेशों में आधार विवरण और e-KYC पूरा करने के लिए कहा जाता है, जो पूरी तरह से फर्जी हो सकता है।

    APAAR ID क्या है और क्यों है यह चर्चा में?

    APAAR ID का पूरा नाम Automated Permanent Academic Account Registry है। इसका उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखना है। यह प्रक्रिया केवल DigiLocker और सरकारी/शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से होती है, न कि किसी अनजान WhatsApp संदेश के जरिए।

    यह स्कैम कैसे काम करता है?

    स्कैम करने वाले सबसे पहले एक भरोसेमंद-सा संदेश भेजते हैं, जिसमें लिखा होता है कि आपकी या आपके बच्चे की APAAR ID तैयार है। संदेश में “One Nation, One Student ID” जैसे शब्दों का उपयोग किया जाता है, ताकि लोग उस पर आसानी से विश्वास कर लें। इसके बाद एक लिंक या फॉर्म के माध्यम से आधार आधारित e-KYC करने को कहा जाता है।

    यह क्यों खतरनाक हो सकता है?

    इस तरह के फर्जी संदेशों का मुख्य मकसद आपकी निजी जानकारी जैसे आधार नंबर, OTP और अन्य संवेदनशील विवरण हासिल करना होता है। एक बार अगर यह जानकारी गलत हाथों में चली जाए, तो बैंक धोखाधड़ी और पहचान की चोरी (Identity Theft) जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    खुद को सुरक्षित कैसे रखें?

    • किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें
    • आधार, OTP या निजी जानकारी साझा न करें
    • ऐसे संदेशों को तुरंत Report या Block करें
    • जानकारी केवल DigiLocker या आधिकारिक सरकारी वेबसाइट से ही जांचें
    ProMaking.in Safety Tip:
    ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहें। अगर आप Documents (PDF files) को सुरक्षित तरीके से manage करना चाहते हैं, तो हमारे PDF Tools ↗ का उपयोग करें।

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

    क्या सरकार WhatsApp पर आधार e-KYC मांगती है?

    नहीं, कोई भी सरकारी विभाग WhatsApp के जरिए आधार e-KYC या निजी जानकारी नहीं मांगता।

    अगर गलती से लिंक खोल लिया जाए तो क्या करें?

    तुरंत DigiLocker और बैंक गतिविधियों की जांच करें और साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें।